छोटे कमरे से शुरू होती सुबह
खिड़की से रोशनी आती है। मेज़ पर खाली बहीखाता इंतज़ार करता है। बेलपोर्ट का दिन छोटी तैयारियों से शुरू होता है। काम चुनने से पहले उस जगह को देखें जिसे घर कहते हैं।
कार्यशाला और अभिलेखागार
कार्यशाला के औज़ार और अभिलेखागार की किताबें अलग काम बताते हैं। कोई हाथ से बनाता है, कोई रिकॉर्ड से वादा रखता है। ये कमरे एक शहर में अलग ज़िंदगियों का अनुभव देते हैं।
ज़िंदगियों को जोड़ता बंदरगाह
बंदरगाह की मेज़ पर बही और सिक्के हैं। शांत यात्रा और तूफ़ान बाद का घाट अलग फैसले माँगते हैं। शहर के बाहर के बदलाव इसी रास्ते से लोगों के दिन में आते हैं।
लालटेनों से रोशन शाम
उत्सव की रोशनी दिन के अंत को नया रंग देती है। ऑर्डर, बदलती गलियाँ और साझा समय एक दृश्य में मिलते हैं। गैलरी में सुबह, कार्यशाला, बंदरगाह और उत्सव के बीच घूमें।
